एंडोस्कोपी कराने के कारण, तरीका, फ़ायदे – नमस्कार दोस्तों, इस लेख में हम एंडोस्कोपी कराने के कारण, तरीका, फ़ायदे इससे जुड़ी जानकारी देने जा रहे है. अगर आप को और ज्यादा  जानकारी या Admission की जानकारी या कॉलेज के जानकारी तो आप BE Educare एक्सपर्ट्स से ईमेल  करके 5 मिनट का फ्री Call सेशन बुक करें|

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इस पोस्ट में हम आपको एंडोस्कोपी कराने के क्या फायदा होता है इसकी पूरी जानकारी देंगे  अगर आपको किसी भी टॉपिक नोट्स  या कोई भी सीलेबस  या कोई भी न्यूज की जानकारी या  पीडीऍफ़ चाहिये तो आप हमे Comment माध्यम से जरुर बताएं   हमारी बेबसाइट को रेगुलर बिजिट करते रहिये |

एंडोस्कोपी की ज़रूरत कब होती है

एंडोस्कोपी इसलिए उपयोग की जा सकती है:

  • असामान्य लक्षणों की जांच
  • कुछ विशेष प्रकार की सर्जरी करने में

आगे के लक्षणों के विश्लेषण के लिए, टिश्यू के छोटे से सैम्पल को लेने के लिए भी एंडोस्कोप का उपयोग किया जाता है। इसे बायोप्सी कहा जाता है।

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लक्षणों की जांच

एंडोस्कोपी निम्न लक्षणों की जांच के लिए उपयोग की जा सकती है:

  • निगलने में कठिनाई (dyspahgia)
  • लगातार पेट में दर्द
  • सीने में दर्द जो दिल से जुड़ी स्थितियों के कारण नहीं है।
  • लगातार
    जी मिचलाना और उल्टी आना
  • बिना स्पष्ट कारण के वजन घटना
  • उल्टी में खून आना
  • लगातार
    डायरिया
  • मल में खून आना

अगर खाने की नली (oesophagus), पेट या छोटी आंत के पहले हिस्से की जांच करने की आवश्यकता होती है, तो इसे गैस्ट्रोस्कोपी (gastroscopy) के रूप में जाना जाता है।

अगर बड़ी आंत या गुदा जांच की ज़रूरत होती है तो इसे कोलोनोस्कोपी (colonoscopy) कहते हैं। कोलोनोस्कोपी के द्वारा क्या होता है, ये जानने के लिए इस वीडियो को देखें.

लक्षणों की जांच के लिए अन्य प्रकार की एंडोस्कोपीज़ में शामिल हैं:

  • ब्रोंकोस्कोपी अगर आपको लगातार कफ की समस्या है या कफ में खून आ रहा है तो आपके वायुमार्ग की जांच के लिए इसका उपयोग किया जाता है
  • हिस्टेरोस्कोपी – इसका इस्तेमाल योनि से असामान्य रक्तस्राव या बार-बार गर्भपात जैसी समस्याओं में गर्भाशय की जांच करने के लिए किया जाता है
  • सिस्टोस्कोपी  – यदि आपको मूत्र में असंयमितता (urinary incontinence) या पेशाब में रक्त आने जैसी समस्याएं हो रही हैं तो इसका इस्तेमाल मूत्राशय के अंदर की जांच के लिए किया जाता है
  • एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड  – अंदरूनी अंगों जैसे अग्नाशय की तस्वीरें लेने और टिश्यू का सैम्पल लेने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है

थेरेपौटिक एंडोस्कोपी 

संशोधित एंडोस्कोप (modified endoscopes) जिसमें सर्जिकल उपकरण जुड़े होते हैं या उनमें से गुज़रते हैं, इनका इस्तेमाल कुछ विशेष प्रकार की सर्जरी में किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर, इनका इस्तेमाल निम्न स्थितियों में किया जा सकता है:

  • पित्ताशय की पथरी, मूत्राशय की पथरी या किडनी की पथरी निकालने के लिए – जिस प्रक्रिया का उपयोग पित्ताशय की पथरी निकालने में किया जाता है, उसे एंडोस्कोपिक रेटरोग्ग्रेड कोलैजियोपैन्क्रोग्राफी(endoscopic retrograde cholangiopancreatography) के नाम से जाना जाता है
  • जोड़ों के अंदर हुए नुकसान को ठीक करने के लिए (आर्थोस्कोपी) (arthroscopy)
  • खून के स्त्राव वाले पेट के अल्सर को ठीक करने के लिए
  • ऐसे एरिया में
    स्टेंट (stent)

    डालने के लिए जो संकरा हो या अवरुद्ध हो गया है

  • फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) को बांधने और सील करने के दौरान- एक प्रक्रिया जो महिलाओं में नसबंदी के दौरान की जाती है
  • फेफड़ों और पाचन तंत्र से छोटे ट्यूमर निकालने में
  • फाइब्रॉइड (fibroids)

    निकालना, कैंसरमुक्त बढ़े हुए अंग, जो गर्भ के अंदर विकसित हो सकते हैं

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी 

लैप्रोस्कोप (laparoscope) एक प्रकार का एंडोस्कोप (endoscope) है जिसका उपयोग सर्जन द्वारा कीहोल सर्जरी (key hole surgery) या लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic surgery) करते समय देखने में मदद के रूप में किया जाता है।

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic surgery) में केवल छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिसका मतलब इसमें बाद में दर्द कम होता है और आप जल्दी ठीक हो सकते हैं।

कीहोल सर्जरी के सामान्य प्रकारों में शामिल हैं:

  • अपेंडिसाइटिस (appendicitis)

    के मामलों में सूजे हुए अपेंडिक्स (appendix) को हटाना

  • पित्ताशय की पथरी को हटाना, जिसे अक्सर पित्ताशय की पथरी के इलाज के तौर पर उपयोग किया जाता है
  • आंत के हिस्से को हटाना, जो अक्सर पाचन स्थितियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे क्रोहन डिसीज़ (crohn’s disease) या डाइवर्टिकुला (diverticulitis), जो दवाइयों से ठीक नहीं होते हैं
  • हर्निया को ठीक करने में
  • गर्भाशय को हटाना (हिस्टरेक्टमी) (hysterectomy)
  • कैंसर से प्रभावित कुछ या सभी अंगों को हटाना

लैप्रोस्कोपीस (Laparoscopies) का उपयोग अक्सर कुछ लक्षणों की जांच करने में और विभिन्न स्थितियों के निदान में मदद करने के लिए किया जाता है।

एंडोस्कोपी में क्या होता है?

एंडोस्कोपीज़ (endoscopies) आमतौर पर लोकल अस्पतालों में की जाती हैं, हालांकि कुछ बड़े कलिनिक्स में भी ये प्रक्रिया की जा सकती है।

एंडोस्कोपी से पहले

आपके शरीर के किस अंग की जांच की जा रही है, इसके आधार पर, आपको पहले से कई घंटों तक खाने और पीने के लिए मना किया जा सकता है।

अगर आप बड़ी आंत की जांच के लिए कोलोनोस्कोपी (colonoscopy) करवा रहे हैं या आंत के निचले हिस्से और मलाशय की जांच सिगमोइडोस्कोपी (Sigmoidoscopy) करवा रहे हैं तो आपकी आंत से मल को साफ करने के लिए लैक्सेटिव

(Laxative)

दिया जा सकता है।

कुछ मामलों में, इंफेक्शन के खतरे को कम करने के लिए एंटीबायोटिक्स देने की ज़रूरत पड़ सकती है।

अगर आप खून को पतला करने की कोई दवा जैसे वार्फरिन (warfarin) या क्लोपिडोग्रेल (clopidogrel) ले रहे हैं तो आपको एंडोस्कोपी (endoscopy) से कुछ दिन पहले इसे रोकने की ज़रूरत पड़ सकती है। ये प्रक्रिया के दौरान अधिक रक्तस्त्राव को रोकने के लिए किया जाता है।

हालांकि, आपको दी जाने वाली कोई भी दवा तब तक लेना बंद ना करें जब तक आपका डॉक्टर या स्पेशलिस्ट आपको ऐसा करने की सलाह नहीं देता है।

एंडोस्कोपी की प्रक्रिया

एंडोस्कोपी(endoscopy) में आमतौर पर दर्द नहीं होता है। अधिकांश लोगों को डायजेशन या गले में खराश, जैसी हल्की सी असुविधा का अनुभव होता है।

प्रक्रिया आमतौर पर आपके होश में रहते हुए ही की जाती है। आपके शरीर के विशेष हिस्से को सुन्न करने के लिए आपको

लोकल एनेस्थैटिक( local anaesthetic)

दिया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, आपके गले को सुन्न करने के लिए ये एक स्प्रे के रूप में हो सकता है।

आपको तनावमुक्त करने में मदद करने और आपके आस-पास क्या हो रहा है, इस बारे में आपको कम जानकारी रहे इसके लिए एक सिडेटिव भी दिया जा सकता है।

एंडोस्कोप (endoscope) को आपके शरीर में बहुत आराम से डाला जाएगा। सटीक रूप से इसे कहां डाला जाएगा, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके शरीर के किस हिस्से की जांच होनी है।

उदाहरण के तौर पर इसे आपके शरीर के निम्न भागों में डाला जा सकता है:

  • गला
  • गुदा – वह भाग जहां से शरीर का मल बाहर जाता है
  • मूत्रमार्ग- वो ट्यूब जिसके ज़रिए मूत्र शरीर के बाहर जाता है

अगर आपकी कीहोल सर्जरी (लैप्रोस्कोपी/Laparoscopy) की जा रही है, तो आपका सर्जन आपकी स्किन में एक छोटा सा चीरा कर उसमें एंडोस्कोप (endoscope) को डालेगा।

एंडोस्कोपी में आमतौर पर 15 मिनट से 60 मिनट का समय लगता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि ये किस लिए इस्तेमाल की जा रही है। इस दौरान आपको रात में अस्पताल में रूकने की ज़रूरत नहीं होगी।

वायरलेस कैप्सूल एंडोस्कोपी 

वायरलेस कैप्सूल एंडोस्कोपी (Wireless capsule endoscopy), एंडोस्कोपी(endocscopy) का एक अपेक्षाकृत नया प्रकार है। इसमें एक कैप्सूल को निगला जाता है जो आपके पेट और पाचक तंत्र के अंदर की छवियों को वायरलेस रूप से प्रसारित करने में सक्षम है।

कैप्सूल एक बड़ी गोली के आकार का होता है और जब आप शौचालय जाते हैं तो आपके शरीर से सामान्य रूप से निकल जाता है।

इसका उपयोग अक्सर पाचन तंत्र में आंतरिक रक्तस्राव की जांच करने के लिए किया जाता है जब कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है।

वायरलेस कैप्सूल एंडोस्कोपी (Wireless capsule endoscopy) से कुछ जटिलताएँ जुड़ी होती हैं। कैप्सूल को निगलना और इसे सामान्य रूप से निकालना मुश्किल हो सकता है। कैप्सूल आपके आंत के संकीर्ण क्षेत्रों में भी फंस सकता है, जिससे रुकावट हो सकती है

एंडोस्कोपी के बाद

एंडोस्कोपी(endoscopy) के बाद, आपको संभवतः लगभग एक घंटे तक आराम करने की आवश्यकता होगी, जब तक कि लोकल एनेस्थैटिक (local anaesthetic) या सिडेटिव का प्रभाव खत्म न हो जाए।

अगर आप सिडेटिव (sedative) को लेने का निर्णय लेते हैं, तो आपको एक दोस्त या रिश्तेदार की ज़रूरत होगी जो आपको प्रक्रिया के बाद घर ले जाएगा।

अगर आपके मूत्राशय की जांच के लिए, आपकी सिस्टोस्कोपी (cystoscopy) हुई है तो आपको मूत्र में 24 घंटे खून आ सकता है। ये ठीक हो जाना चाहिए पर अगर ये 24 घंटे बाद भी होता है तो आपको अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

एंडोस्कोपी में खतरे

एंडोस्कोपी आमतौर पर सुरक्षित प्रक्रिया है और गंभीर जटिलताओं का खतरा बहुत कम होता है:

संभावित जटिलताओं में शामिल है:

  • एंडोस्कोप(endoscope) का उपयोग कर आपके शरीर के जिस हिस्से की जांच की गई उसमें संक्रमण – इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत हो सकती है।
  • किसी अंग का छेदना या फटना (छिद्र) या अधिक रक्तस्त्राव, आपको टिश्यू या अंगों को हुए नुकसान को ठीक करने के लिए सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है; कईं बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन (blood transfusion) की भी ज़रूरत हो सकती है

बेहोश करना 

सिडेटिव (sedative) आमतौर पर सुरक्षित होते हैं लेकिन यह कभी कभी जटिलताओं का कारण भी बन सकते हैं, जिनमें शामिल है:

  • उबकाई आना या महसूस करना
  • इंजेक्शन की जगह पर जलन होना
  • लार या दुर्लभ मामलों मेन भोजन के छोटे कणों का फेफड़ों में जाना, जिससे इंफेक्शन हो सकता है (एस्पिरेशन निमोनिया/Aspiration Pneumonia)
  • अनियमित धड़कन या निम्न रक्तचाप
  • सांस लेने में कठिनाई

डॉक्टरी सलाह कब लेनी चाहिए

जिस हिस्से में एंडोस्कोप डाला गया है, वहां अगर आपको किसी संक्रमण के लक्षण महसूस होते हैं तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

संक्रमण के लक्षणों में शामिल हैं:

  • लालिमा,दर्द या सूजन
  • किसी द्रव्य या पस का निकलना
  • 38C (100.4F) या उससे अधिक तापमान

एंडोस्कोपी के बाद होने वाली सामान्य जटिलताओं के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • काले या बहुत गहरे रंग का मल
  • सांस लेने में कठिनाई
  • गंभीर और लगातार पेट दर्द
  • खून की उल्टी होना
  • सीने में दर्द

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होते हैं तो अपने चिकित्सक से सम्पर्क करें या अपने नज़दीकी इमरजेंसी रूम में जाएं।

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